NOTE! This site uses cookies and similar technologies.

If you not change browser settings, you agree to it.

I understand

SDGs for All

SDGs for All is a joint media project of the global news organization International Press Syndicate (INPS) and the lay Buddhist network Soka Gakkai International (SGI). It aims to promote the Sustainable Development Goals (SDGs), which are at the heart of the 2030 Agenda for Sustainable Development, a comprehensive, far-reaching and people-centred set of universal and transformative goals and targets. It offers in-depth news and analyses of local, national, regional and global action for people, planet and prosperity. This project website is also a reference point for discussions, decisions and substantive actions related to 17 goals and 169 targets to move the world onto a sustainable and resilient path.

COVID-19 का असर छिपकर अफ्रीका को अपना शिकार बना रहा है – एक एनिमेटेड वीडियो बच्चों को इसके बारे में बता रहा है

लीसा वीवेस, ग्लोबल इनफोर्मेशन नेटवर्क

न्यू यॉर्क (IDN) –जहाँ अफ्रीका, पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय की तरह, कोरोनावायरस के विरुद्ध कठिन संघर्ष कर रहा है, वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के एक विशेषज्ञ ने COVID-19 से प्रभावित लोगों से संबंधित डराने वाले अनुमानों पर सवाल उठाया है। उसी समय, घाना ने एक चौंकाने वाल कदम उठाते हुए लॉकडाउन में आंशिक छूट देने का आदेश दिया है। यह विश्वव्यापी महामारी का वायरस रवांडा को ऋण में कटौती के दिखावे के पीछे भारी ‘ऋणों’ के प्रलोभन का शिकार बना रहा है।

एनिमेटेड वीडियो

मशहूर नाईजीरियाई फिल्म निर्माता नियी अकिनमोलायन ने बच्चों कि यह समझने में सहायता करने के लिए कि उन्हें घर पर क्यों रहना चाहिए और अपने दोस्तों के साथ बाहर खेलना क्यों छोड़ देना चाहिए एक एनिमेटेड वीडियो का निर्माण किया है। और इस तरह अकिनमोलायन का कार्टून राक्षस अस्तित्व में आया।

90 सेकंड के एनिमेशन में, एनिमेशन दो भाई-बहन, हबीब और फुंके की कहानी बताता है। हबीब घर पर बैठे-बैठे ऊब जाता है और फुटबॉल खेलने के लिए चुपचाप बाहर जाने का इरादा करता है। उसकी बड़ी बहन, जोकि हाथ धोने में व्यस्त होती है, उसे बाहर नहीं जाने के लिए सावधान करती है, लेकिन वह बाहर जाने की जिद करता है, जहाँ उसे बहुत भयानक दिखने वाला हरा राक्षस दिखाई देता है!

अकिनमोलायन, जिन्हें सबसे अधिक “द वेडिंग पार्टी 2” का निर्देशन करने के लिए जाना जाता है, जोकि नाईजीरिया की सबसे अधिक कमाई करने वाली फिल्म है, ने कहा कि अपने 5-साल के बेटे को लॉकडाउन के बारे में समझाने के कई प्रयासों से उन्हें यह प्रेरणा मिली।

उन्होंने रॉयटर्स को बताया कि, “लेकिन उसे फिर भी समझ नहीं आया तो मैंने कहानी को थोड़ा बदला और कोरोनावायरस वास्तव में एक बड़े राक्षस की तरह दिखता है और वह बाहर सड़क पर घूम रहा है और अगर तुम बाहर जाओगे तो वह तुम्हे पकड़ लेगा।“

इज़ीची वागू, 9, ने बताया कि उसका पसंदीदा भाग वह था जब लड़का दरवाजा खोलता है और उसे बाहर कोरोनावायरस, राक्षस, दिखाई देता है, और वह जोर से दरवाजा बंद करता है और फिर उसे अंदर जाना पड़ता है। उसने कहा कि, “अब मैं यह जानता हूँ कि यह कहीं भी या बाहर जाने का सही समय नहीं है।”

अकिनमोलायन ने अपनी प्रायोजक कंपनी, Anthill Studios, के जरिये अपने-अपने घरों से काम करने वाले 10-बेहतरीन कर्मचारियों का प्रयोग करके इस एनिमेशन का निर्माण किया है।

इसे निःशुल्क वितरित किया जा रहा है और इसे अंग्रेज़ी, इग्बो, योरूबा, हाउसा, फ्रांसीसी और स्वाहिली में डाउनलोड किया जा सकता है। https://we.tl/t-EBxBabZaxt

बढ़ा-चढ़ा कर बताए गए अनुमान

अस्थाई प्रतिमान के अनुसार, हज़ारों से लेकर लाखों अफ्रीकी लोग कोरोनावायरस से संक्रमित हो सकते हैं। किन्तु विश्व स्वास्थ्य संगठन के क्षेत्रीय प्रवक्ता के द्वारा बताए गए इस डराने वाले आँकड़ें से विश्व स्वास्थ्य संगठन अफ्रीका के आपातकालीन कार्यों के अध्यक्ष ने असहमति व्यक्त की।

मीडिया टेलीकोन्फरेंस में मिशेल याओ ने कहा, “इन आँकड़ों में अभी भी सुधार की ज़रुरत है”। “दीर्घकालिक अनुमान लगाना कठिन है क्योंकि परिस्थिति बहुत अधिक बदलती रहती है।” इसके साथ उन्होंने यह भी कहा कि, “जन स्वास्थ्य संबंधी उपायों को पूरी तरह से लागू करने से वास्तव में असर पड़ सकता है।”

याओ ने टिप्पणी करते हुए कहा कि ईबोला के प्रकोप के मामले में सबसे बुरी स्थति के लिए किए गए इसी तरह के पूर्वकथन सत्य सिद्ध नहीं हुए थे क्योंकि लोगों ने समय रहते अपने व्यवहार में बदलाव कर लिया था।

अभी तक, अफ्रीकी महाद्वीप में COVID-19 की बिमारी के 17,000 मामलों की पुष्टि हुई है और लगभग 900 मौतें हुई हैं – जोकि कुछ अन्य क्षेत्रों की तुलना में बहुत कम है।

साउथ अफ्रीका, जहाँ सबसे अधिक मामले हैं, में संक्रमण के फैलने की गति सख्त लॉकडाउन शुरू करने के बाद धीमी हो गई है, लेकिन अन्य देशों – जैसे कि बुर्कीना फासो, द डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और एल्जीरिया – औसत से अधिक मौते हुई हैं।

अफ्रीकी क्षेत्र, जिसमे 46 उप-सहारा देश और एल्जीरिया शामिल हैं, के विश्व स्वास्थ्य संगठन अफ्रीका के निदेशक, मातशिदिसो मोएती ने कहा कि, विश्व स्वास्थ्य संगठन रोगियों की चिकित्सा सेवा को बेहतर बनाने और मौतों को कम करने के लिए प्राधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है।

हालांकि, राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के संयुक्त राष्ट्र की इस स्वास्थ्य संस्था पर किए गए हालिया हमलों, जिसमे इस संस्था के लिए आर्थिक सहयोग को रद्द करने का भय शामिल है, के कारण इन प्रयासों में रूकावट आ सकती है।

सुश्री मोएती ने चेताते हुए कहा कि, इससे इस वायरस और पोलियो, एचआईवी और मलेरिया जैसे अन्य अक्षम बनाने वाले और जानलेवा रोगों के विरुद्ध लड़ाई को नुकसान पहुँच सकता है।

मोएती ने कहा कि, “इस निर्णय का, संभवतया, पोलियो निर्मूलन पर बहुत बड़ा असर पड़ेगा, ठीक उसी समय जब अफ्रीका पोलियो मुक्त घोषित होने के करीब था।“

ट्रम्प ने नए कोरोनावायरस के बारे में चीनी द्वारा “जानबूझकर फैलाई गई झूठी जानकारी” को बढ़ावा देने का आरोप जिनीवा स्थित विश्व स्वास्थ्य संगठन पर लगाते हुए कहा कि इससे संभवतया यह प्रकोप ने बेहद भयानक रूप लिया है और ट्रम्प ने स्वयं के द्वारा इस संकट की स्थिति को संभालने के संबंध में अपना बचाव करते हुए यह भी कहा कि वे विश्व स्वास्थ्य संगठन को आर्थिक सहयोग देना बंद कर देंगे।

दुनियाभर में 20 लाख से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं, जिसमे सबसे बड़ी संख्या अमेरिका के लोगों की है।

वॉशिंगटन विश्व स्वास्थ्य संगठन का सबसे बड़ा दानदाता है, जो विशिष्ट रोगों से निपटता है और राष्ट्रीय स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत भी बनाता है। अमेरिका ने वर्ष 2019 में विश्व स्वास्थ्य संगठन को $400 मिलियन का दान दिया था, जो उसके बजट का लगभग 15% था।

मोएती ने कहा कि, “हमको पूरी आशा है कि इसपर (आर्थिक सहयोग को स्थगित करने पर) पुनर्विचार किया जाएगा क्योंकि अमेरिका की सरकार ना केवल आर्थिक रूप से बल्कि कूटनीतिक रूप से भी एक महत्वपूर्ण साझेदार है”।

घाना में आंशिक रूप से लॉकडाउन को हटाना

टेलीविज़न पर दिए गए भाषण में राष्ट्रपति अकूफो-एडो ने घोषणा की कि, “कोरोनावायरस को फैलने से रोकने में प्राप्त हुई पर्याप्त सफलताओं को ध्यान में रखते हुए, एकरा और कुमासी से आंशिक लॉकडाउन को हटाया जा रहा है।”

137 मामलों की पुष्टि होने के बाद, 31 मार्च से ग्रेटर एकरा के चार बड़े शहरों, अशांति और केन्द्रीय प्रदेशों में लॉकडाउन लगा हुआ था। राष्ट्रपति ने कहा कि यह निर्णय विज्ञान और डेटा के आधार पर लिया गया था और भविष्य में की जाने वाली कोई भी कार्यवाही इन्ही कुछ कारको द्वारा निर्धारित की जाएगी। हालांकि, उन्होंने गरीबों और कमजोरों पर हुए लॉकडाउन के कारण हुए बुरे असर को भी स्वीकार किया।

ऐसा करके घाना आने-जाने पर लगी रोक को हटाने वाला उप-सहारा अफ्रीका का पहला देश बन गया है।

ब्लूमबर्ग न्यूज़ के अनुसार, 21 दिनों के लिए आने-जाने पर लगी रोक के बाद संक्रमित लोगों की सबसे हालिया संख्या 1,042 थी।

टेलीविज़न पर दिए गए भाषण में राष्ट्रपति अकूफो-एडो ने कहा कि, राजधानी एकरा, और प्रमुख केन्द्रों में काम पर लौटने की अनुमति दी गई है लेकिन विद्यालय बंद रहेंगे और खेलों व धार्मिक सभाओं पर रोक  जैसे प्रतिबंध जारी रहेंगे।

वित्त मंत्रालय की 37 साल में सबसे कम 1.5% की धीमी वृद्धि दर रहने की भविष्यवाणी के साथ, 3 करोड़ लोगों के देश में इस रोग ने तीन साल में 6% या अधिक के आर्थिक विस्तार को अचानक रोक दिया है।

राष्ट्रपति ने देश की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला, जिसमे शामिल हैं, संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में आने वाले लोगों की तेजी से पहचान करना, परीक्षण की क्षमता को बढ़ाना, उपचार और पृथकीकरण केन्द्रों की संख्या को बढ़ाना, “हमारे द्वारा वायरस की गतिशीलता को बेहतर ढंग से समझा जाना, अपने स्वयं के सुरक्षात्मक उपकरणों, सैनिटाइज़रों और दवाओं का उत्पादन करने की अपनी स्वदेशी क्षमता को बढ़ाना।”

हालांकि अधिक संख्या में लोगों के एकत्रित होने और घाना की सीमाओं पर मानवीय ट्रैफिक पर प्रतिबंध जारी रहेगा।

पूरे देश में वायरस से संक्रमित पाए गए लोगों की संख्या में तेजी से वृद्धि के बाद यह घोषणा उन लोगों के लिए चौकाने वाली थी जो एक विस्तार या एक राष्ट्रीय लॉकडाउन के लगने की उम्मीद कर रहे थे।

12 मार्च को पहले मामले के पाए जाने की सूचना मिलने के बाद से घाना में कोरोनावायरस के मामलों की गिनती में लगातार वृद्धि हुई है और यह इसके 16 में से 10 प्रदेशों में फैल गया है।

कुल 1,043 मामलों में से, अधिकतर एकरा (882) and कुमासी (62) में पाए गए हैं। इस संख्या में से, 99 लोग ठीक हो गए हैं और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है वही नौ लोगों की मृत्यु हो गई है।

‘ऋणों’ के बोझ के तले दबा रवांडा'

विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने इस महीने अफ्रीका में संघर्ष कर रहे देशों की सहायता करने के लिए अपने हाथ आगे बढ़ाए हैं, हाल ही में वर्धित हैविली इन्डेब्टेड पूअर कंट्रीज़ (HIPC) की पहल के अंतर्गत रवांडा को $109.4 मिलियन की ऋण की कटौती प्रदान करने को स्वीकृति प्रदान की है।

कोष ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि, इससे COVID -19 की विश्व्यापी महामारी के प्रकोप के कारण उत्पन्न हुई भुगतान संबंधी आवश्यकताओं हेतु रवांडा की आपातकालीन राशि को पूरा करने में सहायता प्राप्त होगी।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने आगे कहा कि, नज़दीकी अवधि में तेजी से गिरावट की संभावना के साथ COVID-19 विश्वव्यापी महामारी का अर्थव्यवस्था पर असर तेजी से सामने आ रहा है। इससे राजकोषीय और बाह्य वित्तीय आवश्यकताओं में बहुत बड़ी वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि, प्राधिकारियों ने रोग को सीमित करने और इसके फैलने की गति को धीमा करने में सहायता करने के लिए तेजी से उपायों क्रियान्वित करने पर काम किया है।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने सूचित किया कि, ये पूँजी महामारी को रोकने और इसके आर्थिक असर को कम करने के लिए खर्चे में हुई वृद्धि के लिए बजट को आर्थिक सहयोग प्रदान करेगी। लेकिन अनुदान के विपरीत, “मध्यम अवधि में ऋण की संवहनीयता को संरक्षित करने के लिए” अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की पूँजी को लौटाना होगा”।

फ्रांस के वित्त मंत्रायल के स्रोत ने कहा है कि, निजी ऋणदाताओं ने ऋण के $8 बिलियन के भुगतान को स्थगित करने या प्रदान करने के लिए स्वैच्छिक आधार पर सहमति व्यक्त की है, किन्तु इसे रद्द करने के लिए नहीं, इसका अर्थ है कि ब्याज जुड़ना जारी रहेगा।

यहाँ तक कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमेनुअल मेक्रोन ने भी इसपर सहमति व्यक्त कि की “अफ्रीकी देशों के ऋणों को भारी मात्रा में रद्द करके” उनकी सहायता की जानी चाहिए।

एक रवांडा-कैनडा के प्राध्यापक, डेविड हिम्बरा ने “(राष्ट्रपति) कगामे रवांडा को ऋण में डुबो रहे हैं” के शीर्षक के अपने एक लेख में पर्यवेक्षण द्वारा निर्धारित किया है कि, केन्द्रीय अफ्रीकी देशों के लिए भारी भरकम विदेशी ऋण के द्वारा यह दूसरी झाडू मारी गई है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की हैविली इन्डेब्टेड पूअर कंट्रीज़ की पहल के अंतर्गत, 2008 में रवांडा के करारों में से करीब $1.4 बिलियन को समाप्त कर दिया गया था, जिसके बाद $668 मिलियन शेष बचे थे। पब्लिक डेट क्लॉक के अनुसार आज की तारीख में रवांडा के ऊपर $13 बिलियन से अधिक का ऋण है।

यूके स्थित जुबली डेट कैंपेन लगभग 140 आंदोलन समूहों और धर्मार्थ संगठनों की सहायता से सबसे गरीब देशों के द्वारा ऋणों के भुगतानों को, चुकाने नहीं बल्कि, रद्द करने के लिए दबाव बनाने का नेतृत्व कर रहा है।

जुबली डेट कैंपेन में नीति अध्यक्ष, टिम जोंस ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक से स्वयं के भुगतानों का त्याग करने और निजी निवेशकों से ऋणों के भुगतान माफ करने की गुहार लगाई है।

जोंस ने कहा कि, "आपदा के इस समय में अगर निजी सट्टेबाज गरीब देशों से अत्यधिक ब्याज का भुगतान वसूलना जरी रखते हैं तो यह क्रूरता होगी। [IDN-InDepthNews – 22 अप्रेल 2020]

INPS-IDN द्वारा कोरोनावायरस से प्रभावित अफ्रीका का कलाश़ और एनिमेटेड वीडियो।

Striving

Striving for People Planet and Peace 2019

Mapting

MAPTING

Fostering Global Citizenship

Partners

SDG Media Compact


Please publish modules in offcanvas position.